है लिए हथियार दुश्मन ताक में बैठा उधर और हम तैयार हैं
पना इधर खून से खेलेंगे होली गर वतन मुश्किल में है सरफ़रोशी की तमन्ना
ब हमारे दिल में है हाथ जिन में हो जुनून कट-ते नहीं तलवार से सर जो उठ जाते हैं वो झुक-ते नहीं ललकार से हाथ जिन में हो जुनून कट-ते नहीं तलवार से सर जो उठ जाते हैं वो झुक-ते नहीं ललकार से और भड़केगा जो शोला सा हमारे दिल में है सरफ़रोशी की तमन्ना
ब हमारे दिल में है हम तो घर से निकले ही थे बाँध कर सर पे कफन जान हथेली पर लिए लो बढ़ चले हैं ये कदम
पनी मेहमान मौत की महफ़िल में है सरफ़रोशी की तमन्ना
ब हमारे दिल में है दिल में तूफानों की टोली और नसों में इनक़लाब होश दुश्मन के उड़ा देंगे हमें रोको ना आज दूर रह पाए जो हमसे दम कहाँ मंज़िल में है सरफ़रोशी की तमन्ना